राष्ट्रीय एकता - United India


किसी देश को आर्थिक, सामाजिक, राजनितिक रूप से आगे बढने के लिए राष्ट्रीय एकता और अखंडता अति आवश्यक है। हमारा देश एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है तथा राष्ट्रिय एकता और अखंडता का पाठ हमारे यहाँ बचपन से सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में पढाया जाता है। किन्तु कही न कही हमसे कुछ गलतियां भी हो रही है और हम राष्ट्रीय एकता और अखंडता का अर्थ भूलते नज़र आ रहे है। इसका एक कारण यह है की हम अपने बच्चो को भाषाई रूप से तो इसका दर्शन दे रहे है किन्तु वह इसका भाव समझने में असमर्थ है या यूँ कहा जाए की हम उनको उस एकता और अखंडता की भावना का दर्शन कराने में असमर्थ हो रहे है।


आर जे रावत जो कि हमारी संस्था 'द समझ' के अध्यक्ष और संस्थापक ट्रस्टी है, उनके अनुसार पूरी दुनिया को एकता और अखंडता की मिसाल भारत से मिलती है, भारत में इतनी सरे धर्मो, जातियों, भाषाओ, आदि का मिश्रण है कि जब भी एकता और अखंडता की बात होती है तो भारत का नाम अवश्य लिया जाता है। परन्तु अब आय दिन खबरे आती है की लोग जाती को लेकर, राज्यों को लेकर, धर्मो को लेकर आपस में भीड़ रहे है। लोग दुसरे राज्यों के लोगो को बाहरी समझने की भूल कर रहे है।


आर जे रावत इसी असंतुलन को कम करने के लिए समय - समय पर अलग - अलग माध्यमो से संतुलन स्थापित करने की कोशिश करते रहते है। हाल ही में अक्टूबर 2019 में आर जे रावत ने चार राज्यों दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब तथा हरियाणा में पद यात्रा करके आम जन तक यह सन्देश पहुँचाया कि पूरा भारत एक है तथा यह रहने वाला प्रत्येक नागरिक चाहे वह किसी भी राज्य, भाषा, जाति, धर्म का हो वह भारत का एक अभिन्न अंग है।


पद यात्रा वह माध्यम हे जिसमे किसी के द्वारा समाज के विभिन्न हिस्सों के साथ अधिक निकटता से बातचीत करने, उनसे संबंधित मुद्दों के बारे में शिक्षित करने और उनके समर्थकों को प्रेरित करने के लिए की जाती है। आर जे रावत द्वारा भी कुछ इसी प्रकार पद यात्रा की गई और लोगो ने उनके तर्कों को समझने का पूरा प्रयास किया। द समझ के अध्यक्ष आर जे रावत भविष्य में भी इस प्रकार की यात्राओ तथा अन्य माध्यमो से एकता का सन्देश पूरे भारत राष्ट्र में फैलाएँगे।


हमारे देश के लोगो को अलग-अलग भाषाएँ आती है, अलग-अलग धर्मो का पालन करते है, रीति - रिवाज को निभाते है और यही विभिन्नता हमको शक्ति प्रदान करती है अगर हम मिलकर रहे। एक परिवार में अगर 4 लोग रहते हो और चार भाषाएँ आती हो, एक कंप्यूटर का ज्ञानी हो तो एक शिक्षक हो, एक नेता हो और एक भारतीय सेना में तो क्या हम ऐंसी विभिन्नता को नकारात्मक तौर पर देखना पसंद करेंगे या सकारात्मक? आज अनेक लोग ऐंसा ही कर रहे है, यहाँ समझने की जरुरत है भारत एक परिवार है और यहाँ सब कुछ न कुछ अलग कर रहे है हमे एक बार फिर वल्लभभाई झावेरभाई पटेल जिनको हम सरदार पटेल के नाम से भी जानते है को याद करना होगा उनके द्वारा भारत को एकजुट करने के महान प्रयास पर फिर से अमल करना होगा, हमे एकता और अखंडता के सूत्र में फिर से बंधना होगा।

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